
आजू मंगलवार तीन फरवरी 2009 के अखबारन में दूगो खबर पढ़िके बड़ा अफसोस भइल। जागरण में पूर्णिया से राजीव कुमार लिखत बाड़न कि कोसी के सैकड़ों बेटी बस एक राति खातिर दुलहिन बने खातिर लाचार बाड़िन सन। बरैटा के केवल मंडल के बेटी रेखा के शादी पंजाब से आइल लइका संगे कइल गइल। बिआह कइके गइला के बाद उ फेरु वापस ना लौटल। ओकर राह देखत-देखत ओकर बाप भी चल बसलन। अइसहीं बेटिन के राह देखत-देखत सैकड़ों माइ-बाबु के आंख पथरा जाता। लेकिन उन्हीन के कहीं पता नइखे चलत।
पूर्णिया के गढ़बनैली के बरैटा, लखीटोला, राधानगर, पार्कटोला, हजारीबगान एवं कालीबाड़ी में पांच सौ के करीब लइकि बिआह के बाद से लापता बाड़िन सन। गरीबी के चलते एह इलाका के लोग आपन बेटिन के महज पांच से दस हजार रुपया पर बेचे खातिर लाचार बाड़न। सौदागर बिआह के नाटक रचा एहि लइकिन के ले जात बाड़न फेरु कौनो आह पता नइखे चलत।
दोसर खबर हिन्दुस्तान में ललितपुर से संजीव बजाज लिखत बाड़न कि बेड़िया समुदाय में परंपरा के नाम पर आजुओ मासूम लइकिन के देहि के सौदा हो रहल बा। बुंदेलखंड के कला संस्कृति के बात जुबा पर अइला पर लोगबाग के दिमाग में आजुओ लंबा घुंघट में नाचत मेहरारू के छवि उभरेला। ललितपुर जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर बसल बा गांव रनगांव। मड़ावरा ब्लाक के एह गांव में राई लोक नृत्य करे वाला बेड़िया समुदाय के लोगन के बहुलता बा। एहिजा परिवार के पेट पाले के जिम्मेदारी मेहरारून के बा। राई नृत्य उहे कइ सकेला जेकर सिरढंका हो गइल बा। सिरढंका यानी एइसन मर्द से संबंध बनावल, जे पहिले से ही बिअहल हखे। एह सबंध के बदौलत बच्चों पैदा होलन सन लेकिन ऊ नाजायज औलाद ही कहलालन सन। अगर दया मया रहल त बेड़िन के खर्चा सिरढंका करे वाला मर्द चलावेला। ना त उ एहि धरती पर नरक भगे खातिर अभिशप्त बिया। गणतंत्र दिवस परेड में राई नृत्य पर ताली बजावे वाली राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, सर्वशक्तिमान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी आ दिल्ली के मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का एहि तथ्य से वाकिफ बा लोग। इक्कीसवीं सदी में हिन्दुस्तानी बेटिन के इ दशा का सोचे खातिर विवश नइखे करत
